टीकमगढ़ खुले सेप्टिक टैंक में समा गई दो मासूम जिंदगियां, इलाके में शोक
टीकमगढ़:
शुक्रवार को टीकमगढ़ शहर में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया। शाम होते-होते जिस मोहल्ले में सामान्य दिनचर्या चल रही थी, वहां अचानक अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया। शिवनगर कॉलोनी क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान में बने खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
मृत बच्चों की पहचान आशीष यादव (7 वर्ष) और नरेंद्र यादव (5 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों बच्चे सचेंद्र यादव के पुत्र थे। सचेंद्र यादव मूल रूप से ग्राम लखौरा के निवासी हैं और बच्चों की पढ़ाई के उद्देश्य से शिवनगर कॉलोनी में किराए के मकान में परिवार सहित रह रहे थे।
परिजनों के अनुसार, शुक्रवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद दोनों बच्चों ने घर पर खाना खाया और करीब तीन बजे खेलने के लिए बाहर निकले थे। देर शाम तक जब बच्चे वापस नहीं लौटे तो परिवार वालों ने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली।
इसी दौरान मोहल्ले के लोगों को पास ही स्थित एक निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक पर संदेह हुआ, जो अधूरी दीवारों और बिना किसी सुरक्षा घेराबंदी के खुला पड़ा था। शाम करीब साढ़े सात बजे मोटर की मदद से टैंक का पानी निकाला गया, तो भीतर दोनों बच्चों के शव मिले।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को जिला अस्पताल भिजवाकर पोस्टमार्टम कराया।
वही पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है
घटना के बाद बच्चों की मां सदमे में है और बार-बार अपने बच्चों को पुकारती रही, जिसे देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। इस हादसे ने एक बार फिर शहर में निर्माणाधीन भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते खुले टैंक को ढक दिया गया होता, तो शायद आज दो मासूम जिंदगियां बचाई जा सकती थीं।



